जब दिल की बात कहने को
कोई साथ ना हो
तो लिखो
जब दिल का दर्द
आँसूओं से बयान ना कर पाओ
तो लिखो
भीड़ में भी
अकेला महसूस करो
तो लिखो
जब खुशियों को
किसीके ज़िंदगी मे लाना हो
तो लिखो
प्यार का इज़हार
अगर याद में रखना हो
तो लिखो
मैं ये नही कहता
की तुम लिखने से
खुशियों की बारिश होगी
पर जब बीस साल बाद
आप अपने प्रेम पत्र पढ़े
तो आप जरूर मुस्कुराओगे
वो मुस्कुराहट अगर आपको देखनी है
तो लिखो
जो लिखो, वो अच्छा है या नही
मत सोचो, जब दिल कुछ कहे
तो लिखो
ज़िंदगी के सफर में
खुदसे मिलना हो
तो लिखो
ज़िंदगी के बाद भी
अगर अमर रहना है
तो लिखो
कभी खुदके लिए
कभी दूसरों के लिए
पर जो लिखो
दिल से लिखो
अगर आप इस कविता का
दूसरा भाग पढ़ना चाहते हो
तो कमैंट्स में अपने खयाल तो लिखो