आंखें खुली एक चेहरा दिखा
प्यार भरा एक पहरा दिखा
आंखों में आंसू और चेहरे पर हंसी दिखी
ममता की छांव लिए एक प्यारी सी परी दिखी
बाहों में मुझे लिये, एक सुकून की लहर दिखी
मेरी नन्ही सी आंखों को जैसे पहली सहर दिखी
रोना मेरा सुनकर वो सहम सी गई
कुछ पल उसकी सांसें ठहर सी गईं
प्यार से उठाकर फिर सीने से लगाया
मेरी एक हंसी ने उनकी बगिया को महकाया
बड़ा मुझे करते करते वो बच्ची बन गई
मेरे लिए सब झूठे और वो सच्ची बन गई
चोट मुझे लगती और आंसू उनके बेहते
"रोना मत चींटी मर गई" फिर भी सब मुझसे कहते!
अपनी सारी ख्वाइशों को अलविदा कहकर उफ्फ भी ना किया
और मेरी सारी जिदों को अपनी जिम्मेदारी बना लिया
कलेजा फट गया होगा सुनकर जो उन पर मैंने इल्जाम लगा दिया
जब मेरी चिंता ने उनको मेरा ही दुश्मन बना दिया!
मेरे बिना वो दिन वो रात केसे निकलती होगी
मुश्किल होता होगा हर वो लम्हा जब वो मेरे और फ़र्ज़ के बीच, किसी एक को चुनती होगी!
दूर रहकर उनसे कौन सा मैं खुश रही
जब-जब झांका दिल में, बस नम आंखें बही!
मेरे लिए वो सारे ज़माने से लड़ गई
मेरी हर खुशी को पूरा करने वो आगे बढ़ गई
तमीज और तहजीब मुझे मेरी मां ने सिखलाई
एक बेटी के हक के लिए लड़ने की समझ भी मुझे मेरी मां से आई
बड़ों को आदर और छोटों को प्यार ये मां ने बतलाया
जो भूल जाए वो अपना आैहदा तो डर कर चुप रहना कभी ना सिखलाया
ज़माने के साथ चलना जरूरी है, वो जानती हैं
उनकी दी हुई तालीम भूलूं ना कभी बस ये मांगती हैं
आज हर दर्द से बेखबर मैं घर से निकलती हूं
हर खौफ पीछे छूट जाता है जब मैं मेरी मां के साए तले चलती हूं
मां एक शब्द नहीं, एक औहदा है,
जिसमें नामुमकिन हर शर्त और सौदा है!
अभी बहुत कुछ सीखना है मुझे मेरी मांओं से
और जो सीखा है वो बताना चाहती हूं बड़े चाव से,
जब मैं आई थी दुनिया में, दुनिया को मां की गोद में बेटी दिखी,
मगर उस बेटी की दुनिया मां थी, और मां की गोद में उसकी दुनिया सोती दिखी!!
-"Tiara"