Launchorasince 2014
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तू ....


तू ....

खुदा की फुरसत का करिश्मा है तू

इस तनहा दिल का नगमा है तू।

मेरे अरमानों का सितारा है तू

मै भटकी हुई कश्ती और किनारा है तू।


मैंने ख़्वाबोमे देखी जन्नत है तू

खुदा से मांगी इकलौती मन्नत है तू।

इस प्यासे रूह के लिए सावन है तू

जिस्म हु मै और मेरी धड़कन है तू।


कुदरत की बनाई नायाब तस्वीर है तू

जैसे कोई हसीन मूरत या हूर है तू।

मेरे नाचीज़ शायरी के लब्ज़ है तू

ज़िंदा हूँ मै और मेरी चलती नब्ज है तू।


लगता है अब पूरी ज़िंदगी है सिर्फ तू

इस दिल की दिल्लगी है सिर्फ तू।

फ़रिश्ते जिसे पढ़े ऐसा कलमा है तू

मुसाफिर हु मै और मेरी मंज़िल है सिर्फ तू।